Bihar Boat Accident: बिहार के वैशाली में बड़ा नाव हादसा, एक ही परिवार के 13 बच्चों की मौत से मचा कोहराम; मांओं की चीख सुन रो पड़े लोग, DM से लिपटकर बिलख पड़े परिजन
Bihar Boat Accident News: बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी पर हुए दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को हुए इस हादसे में कई बच्चों की जान चली गई। हादसे के बाद जब बच्चों के शव उनके घर पहुंचे, तो परिवारों में चीख-पुकार मच गई। बच्चों को खोने वाली मांओं का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के दर्द और उनकी चीखों ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया। जिलाधिकारी वर्षा सिंह से लिपटकर रोती एक महिला का दृश्य इस त्रासदी की गंभीरता को बयां करता है।
वैशाली नाव हादसा: कैसे हुआ दर्दनाक हादसा?
जानकारी के मुताबिक, वैशाली जिले के राघोपुर क्षेत्र के रामपुर श्यामचंद गांव के बच्चे और अन्य लोग पास के गांव में आयोजित श्राद्ध भोज में शामिल होने के लिए नाव से गए थे। वापसी के दौरान गंगा नदी में नाव अचानक पलट गई। नाव में सवार लोग नदी में डूबने लगे, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाया।
परिवार में बच्चों की मौत से पसरा मातम
इस हादसे में एक ही परिवार के कई बच्चों की मौत की खबर ने दुख को और गहरा कर दिया है। बच्चों के शव घर पहुंचते ही गांव में मातम छा गया। जिन घरों में कुछ समय पहले तक बच्चों की हंसी और आवाजें गूंजती थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा है। अपने बच्चों को खोने वाले माता-पिता और परिजनों का दर्द देखकर ग्रामीण भी खुद को संभाल नहीं पाए। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है।
नाव की हालत पर उठे सवाल
हादसे के बाद नाव की स्थिति को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आए हैं। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, नदी से निकाली गई नाव में एक बड़ा छेद मिला और नाव की हालत जर्जर बताई गई। आशंका जताई जा रही है कि नाव में क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने और उसकी खराब स्थिति के कारण दुर्घटना हुई हो सकती है। हालांकि, हादसे के सटीक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
प्रशासन ने शुरू किया राहत और बचाव कार्य
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। नदी में डूबे लोगों की तलाश की गई और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने नावों की सुरक्षा, उनकी नियमित जांच और नदी पार करने के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता
हादसे के बाद बिहार सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। इस दुखद घटना के बाद पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद के साथ-साथ जरूरी सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
नाव हादसे ने खड़े किए सुरक्षा पर सवाल
वैशाली का यह हादसा नदी और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित परिवहन की जरूरत को फिर से सामने लाता है। पुरानी नावों की समय पर जांच, उनकी मरम्मत, क्षमता से अधिक लोगों को न बैठाना और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। इस दर्दनाक घटना ने कई परिवारों को ऐसा दुख दिया है, जिसकी भरपाई करना मुश्किल है।

